Pariyon Ki Kahani – Best Pari Ki kahaniya in Hindi

Pariyon Ki kahani – आज सब का स्वागत है हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story पर. आज हम आपके लिए एक नै कहानी लेकर आए है जो है एक Pari Ki kahani (Fairy Tales Story In Hindi) के बारे में. तो चलिए शरू करते है Pariyo Ki kahani in Hindi में.

pariyon Ki kahani In Hindi – परियो की कहानी हिंदी में बच्चो के लिए

Pari Ki kahani – एक बार की बात है. बीजापुर गांव में तारा नाथ और त्रिपुरा नाम का एक विवाहित जोड़ा रहता था. दोनों बड़े कंजूस और स्वार्थी थे. वह कभी किसी की मदद नहीं करते थे. जब गांव वाले किसी परेशानी में पडते तो तारा नाथ उसका हल शास्त्रों के अनुसार बता दिया करता था और इसके लिए वह तगड़ी कीमत लिया करता था. लेकिन फिर भी अपनी परेशानियों के हल के लिए लोग तारा नाथ के पास ही जाया करते थे क्योंकि वह जो कहता वह होकर रहता था.

तारा नाथ ने सबसे कह रखा था उसने कुछ सालों तक हिमालय पर्वत पर तपस्या करके कुछ शक्तियां प्राप्त की है. इसलिए उसका कहा होकर रहता है. लेकिन यह बात सच नहीं थी. तारा नाथ ने दूसरों पर अपना प्रभाव बनाने के लिए यह झूठ बोल रखा था.

Best Pari Ki kahani In Hindi

Best pariyon ki kahani – 1 दिन पास के गांव में जाते हुए तारा नाथ ने एक पेड़ के नीचे दोपहर का भोजन करने की सोची. जब वह साथ लाया भोजन शुरू ही करने वाला था तब बेहद ही हैरान-परेशान परी (Pari) उसके सामने प्रकट हुई. तारा नाथ ने उसे देखा और पूछा कि तुम कौन हो? और तुम क्या चाहती हो? तब परी (Pari) ने कहा है सज्जन पुरुष मैंने 2 दिन से कुछ नहीं खाया है. मैं बहुत भूखी हूं. क्या तुम मुझे कुछ खाने के लिए दे सकते हो? तब तारा नाथ ने कहा खाने के बदले मुझे क्या मिलेगा? परी ने कहा मैं बदले में जरूर कुछ दूंगी.

तारा नाथ सोचने लगा और तारा नाथ ने परी (Pari) को कुछ रोटियां खाने के लिए दे दी. खाना खाने के बाद परी बोली तुमने मेरी भूख मिटाई है. मैं तुम्हें कुछ चीज तो नहीं दे सकती मगर भविष्य में होने वाली घटनाएं तुम्हारे कान में कह सकती हु. और इस तरह मैं तुम्हारी मदद कर सकती हूं और परी ने कहा क्या तुम खाने के बदले यह मदद लेना चाहोगे?

तुरंत तारा नाथ के दिमाग ने काम करना शुरू कर दिया और कहा अब तुम मेरे साथ मेरे घर चलो. मैं तुम्हें रोज खाने के लिए पर्याप्त भोजन दूंगा तब परी तारा नाथ के घर जाने के लिए तैयार हो गई.

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तब तारा नाथ ने कहा अगर लोगों ने तुम्हें देख लिया मेरे साथ तो बहुत बड़ी परेशानी खड़ी हो जाएगी. और वह तुम्हें नुकसान भी पहुंचा सकते हैं. तब परी ने कहा चिंता मत करो मैं किसी को दिखाई नहीं दूंगी. लेकिन तुम जब भी बुलाओगे मैं अदृश्य रूप में रहकर तुम्हारे पूछे गए सवाल का जवाब तुम्हारे कान में उत्तर दे दूंगी. इस तरह तुम्हारी मदद हो जाएंगी.

उसके बाद तारा नाथ अपने गांव वापस आकर परी (Pari) की मदद से गांव वाले की समस्या का हल ढूंढना शुरू कर दिया. तारा नाथ के साथ एक 10 साल की लड़की जिसका नाम विमला था वह भी रहती थी. तारा नाथ और त्रिपुरा के घर का वह काम किया करती थी. विमला एक बेहद अच्छी और चुपचाप रहने वाली लड़की थी. सारे काम बहुत अच्छे से निपटा देती थी. लेकिन फिर भी उसे दोनों पति पत्नी हमेशा डांटते रहते थे. कुछ दिनों बाद तारा नाथ का व्यवहार परी के लिए भी बदल गया. वह उसे भी बुरे तरीके से पेश आने लगा. वह उसे खाने के लिए पर्याप्त भोजन भी नहीं देता था. त्रिपुरा उसे खराब हो गया खाना परोसती थी. परी ने वहां से कई बार चले जाने की सोची लेकिन उसने तारा नाथ से वादा किया था इसलिए सब जुर्म सहती थी.

1 दिन विमला के हाथोसे दूध का बर्तन गिर गया. त्रिपुरा ने बिना सोचे वह छोटी बच्ची है उसकी छड़ी से पिटाई कर दी. विमला कहती रही वह बर्तन मेरे से गलती से गिर गया. मगर उसमें विमला की एक नहीं सुनी. फिर त्रिपुरा और तारा नाथ ने विमला से कहा हम दोनों नगर जा रहे हैं. शाम तक वापस आएंगे. तब तक घर का ध्यान रखना.

Top Jadui pari Ki kahani in hindi

Best jadui Pariyon Ki kahani – तारा नाथ और त्रिपुरा दोनों चले गई. लेकिन दर्द की वजह से विमला घरके एक कोने में बैठकर रोने लगी. परी (Pari) ने उसे देखा तुरंत ही परी ने एक 10 साल की लड़की का रूप धरा और विमला के पास आई और उसने विमला से पूछा अरे तुम रो क्यों रही हो? और उसके जख्म पर मक्खन लगाने लगी.  उस परी ने कहा कि मेरा नाम कमला है. मैं भी यही रहती हूं. लेकिन तुम्हारे मालिक ने मुझे आदेश दिया है कि मैं किसी को ददिखनी नहीं चाहिए इस लिए मैं वहां ऊपर अलमारी पर बैठी रहती हूं.

विमला ने रोना बंद कर दिया और बोली क्या हम दोनों अच्छी सहेलियां बन सकती है? परी ने कहा ठीक है. लेकिन किसी से कहना नहीं कि हम एक दूसरे से मिले थे. इसे एक राज रखना वर्ना हम दोनों परेशानी में पड़ जाएगी.

तब विमला ने कहा कि मैं यह बात किसी से नहीं बताऊंगी. मैं इसे राजी रखूंगी और उसने कहा फिर मैं तुमसे किस तरह से मिल पाऊंगी? तब परी ने कहा कि जब भी यह दोनों पति-पत्नी कहीं बाहर जाएंगे तब तुम एक मंत्र बोलना ट्रिम ट्रिम ट्रिम ट्रिम ट्रिम ट्रिम. तब मैं तुम्हारे पास आ जाऊंगी और हम दोनों खेल सकते हैं. इस तरह से मैं हमेशा तुम्हारे पास रहूंगी. एक सहेली पाकर विमला बहुत ही खुश हो गई. विमला ने रसोई में जाकर त्रिपुरा द्वारा रखी थोड़ी मिठाईयां कमला को लाकर दी. परी को व मिठाई बहुत पसंद आई और उसने मजे ले लेकर खाई. इस तरह विमला और परी बहुत अच्छी सहेलियां बन गई. और जब भी तारानाथ और त्रिपुरा बहार जाते थे तब विमला भी पारी को अच्छा अच्छा खाना खिलाती थी और दोनों वहा पर हसी ख़ुशी रहने लगे.

इसतरह विमला को एक सहेली भी मिल गई और परी को भी खाने के लिए अच्छा अच्छा खाना मिल जाता था.

हमारी यह स्टोरी Pariyon Ki kahani पढ़ने के लिए आप सभी का बहोत बहोत धन्यवाद. अगर आपको हमारी यह स्टोरी Pari Ki kahani अच्छी लगे तो आप हमें कमेंट करके भी बता सकते है. हमारी वेबसाइट Moralhindistory.Com पर आने के लिए हम आप सबके आभारी है.

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