Moral Stories In Hindi – 4 Best Hindi short stories with moral for kids

Moral Stories In Hindi – आप सभी का स्वागत है हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story में. आज हम बात करेंगे Hindi Moral Story के बारे में जिसे पढ़कर आप भी अपना जीवन बहेतर बना सकते है. Moral Stories In Hindi को पढ़ने के बाद शायद हम उम्मीद करते है की आप के जीवन में भी कुछ बदलाव आ सके और दुसरो के जीवन में भी कुछ बदलाव ला सके.

 

Short Moral Story In Hindi

 

Moral Hindi Story – भगवान हमें वो देता है जो वह चाहते है बल्कि वो नहीं जो हम चाहते है

Moral Stories In Hindi : एक मंदिर जिसमें सभी लोग पगार पर काम किया करते थे. चाहे आरती वाला हो, पूजा करने वाला हो या मंदिर का घंटा बजाने वाला हो. मंदिर का घंटा बजाने वाला जो इंसान था, वह आरती के समय ऊपर वाले में इतना लीन हो जाता था, कि उसे देखना बहुत ही अच्छा लगता था.

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हर कोई जो दर्शन के लिए आता था और साथ में इस की भक्ति के दर्शन जरूर से करता था. और सभी लोग उसकी तारीफ भी किया करते थे. मंदिर के ट्रस्टी ने 1 दिन डिसीजन ले लिया किस मंदिर में वही लोग काम करेंगे जो पढ़े लिखे हैं. जो अनपढ़ है उन्हें नौकरी से निकाल दिया जाएगा. तो इस घंटी बजाने वाले इंसान को केबिन में बुलाया गया और उसे कहा गया कि कल अपनी पगार लेने आ जाना और उसके बाद हमें आपके काम की जरूरत नहीं होगी.

उस इंसान ने कहा कि -“अरे आप मेरी पढ़ाई लिखाई देख रहे हैं! आप मेरी भक्ति की शक्ति को तो देख ही नहीं रहे हो.” मगर ट्रस्टी कुछ भी सुनने के लिए तैयार नहीं था. अगले दिन से जो मंदिर में आते वह आरती के समय पर आरती में उतना आनंद नहीं मिलता था.

सभी ने कहा यह भी ठीक है की तुम मंदिर के सामने एक दुकान कर लो. जिससे मंदिर के आरती के समय वहां पर आ जाया करना ताकि किसी को यह न लगे कि तुम कोई लालच में आ रहे हो. तो उसने यह बात मान ली.

उसने मंदिर के ठीक सामने एक दुकान लगा दी. ऊपर वाले की दया से वह आदमी अनेक दुकानों का मालिक भी बन गया. उसने आगे चलकर एक फैक्ट्री भी खोली. बड़ी सी गाड़ी में से वह उतरता मगर वह आरती के ठीक समय पर घंट बजाने के लिए आया करता था.

काफी साल बीत चुके थे. ट्रस्टी भी बदल चुके थे. मंदिर के भी काफी साल बीत चुके थे तो उस मंदिर को नया बनाने की भी जरूरत थी, लेकिन नए ट्रस्टी को महसूस हुआ कि 700000 की जरूरत है. इतना पैसा कहां से आएगा? सामने फैक्ट्री दिखी और सोचा कि क्यों न फैक्ट्री के मालिक से पूछा जाए. उन्होंने जाके उसको यह बात बताई.

फैक्ट्री के मालिक ने एक सवाल भी नहीं पूछा और अपनी सेक्रेटरी से कह दिया कि इसे 7 लाख का चेक तैयार करवा दीजिए. और उसने कहा कि मैं उस पर अंगूठा लगाकर बैंक से पैसे लेकर आता हूं. शाम तक पैसे आपके हाथ में पहुंच जाएंगे. सामने बैठे हुए सभी लोग आश्चर्य में थे! उन्होंने कहा कि आप इतने बड़े आदमी हो. फैक्ट्री के मालिक हो लेकिन फिर भी आप पढ़े लिखे नहीं हो.

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उस इंसान ने बहुत ही सुंदर जवाब दिया कि पढ़ा लिखा नहीं हूं तभी तो मैं यहां तक पहुंचा हूं. ऊपर वाला जो करवाता गया मैं करता गया. तभी तो मैं यहां तक पहुंचा हूं. ऊपर वाले के हर निर्णय में मैं हमेशा से ही खुश रहा हूं. क्योंकि

Moral Value Of Story : “वह हमें वो नहीं देता जो हम चाहते हैं, वह हमें वो सब देता है जो हमारे लिए अच्छा होता है.

 

Short Story In Hindi With Moral Value

 

Hindi Moral Story – भरोसा रखने से जोभी काम है वह पूरा होता ही है

Moral Stories In Hindi : एक दिन एक लड़का गरीब परिवार से गांव से आकर के शहर में सरकारी नौकरी के लिए तैयारी कर रहा था. कुछ परीक्षाएं ले चुका था कुछ परीक्षाएं बाकी थी.

1 दिन खुशी की बात हुई. उसके पास में एक इंटरव्यू के लिए कॉल आया. अगली सुबह दूसरे शहर में जाना था मगर समस्या यह थी कि इस लड़के के पास पैसे नहीं थे. उसने उसके घर में ढूंढा तो मुश्किल से ₹50 मिले.

गरीब परिवार का लड़का था. शहर में आया था तो पता नहीं चल रहा था कि वह क्या करें? उसने अपने दोस्तों के पास से पहले से ही उधर ही ले रखी थी तो उससे और भी मांग नहीं सकता था.

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वह लड़का अगली सुबह हिम्मत करके 1 जोड़ी अच्छे कपड़े थे उसको पहन कर अपने कागज लेकर बस स्टैंड की ओर निकल पड़ा. सोचा कुछ ना कुछ तो हो जाएगा. ऊपर वाले को धन्यवाद भी देता जा रहा था.

वह लड़का ऐसा सोच रहा था कि कोई ना कोई मिल जाएगा. मुझे लिफ्ट मिल जाएगी और मैं इंटरव्यू देकर वापस आ जाऊंगा. पहुंचा वह बस स्टैंड पर. वहां पर कोई जान पहचान का नहीं मिला. बस में चढ़ भी नहीं सकता था क्योंकि उसके पास किराया नहीं था. वह बहुत उदास था वापस बस स्टैंड से वापस आया.

वहां पर उसने पास में ही मंदिर दिखा. उसने सोचा कि मैं ऊपर वाले से मांग लेता हूं कि क्या चाहिए. उसने मंदिर में जाकर प्रार्थना करने लगा और कहा आप ही मुझे बचा सकते हैं इस समस्या से. वह उतरकर सीडी पर बैठे-बैठे अपने जूते बांध रहा होता है और देखता है कि पास में ही एक फकीर बैठा है और उसका कटोरा में बहुत सारे पैसे रखा है.

वापिस से मंदिर में जाता है और भगवान से यह बात कहता है कि वह भगवान जिसे चाहिए पैसे उसे दे नहीं रहे हो और जिसे नहीं चाहिए उसे पैसे दे रहे हो. फकीर यह सब समझ जाता है और पूछता है -“क्या हुआ कोई परेशानी है? अगर आप चाहो तो मैं कुछ मदद करूं आपकी?” तो लड़के ने कहा कि -“बाबा आप क्या मदद कर सकते हो? आप खुद ही मांग कर खा रहे हो.” तो फ़क़ीर कहता है कि -“मैं मांग कर नहीं कमा रहा हूं. इस मंदिर में जो आता है वह इसलिए नहीं देकर जा रहा है कि मैं मांग रहा हूं. वह इसलिए दे कर के जा रहा है कि उसको पुण्य कमाना है.”

उस फकीर ने कहा कि मैं तुम्हारी मदद कर सकता हूं. तुम मुझे बताओ कि बात क्या है? लड़का बताता है कि मुझे इंटरव्यू देने के लिए जाना है और मुझे ₹500 लगभग चाहिए. तो फकीर कहता है कि मुझसे पैसे ले जाओ मुझे ज्यादा जरूरत नहीं है. और ना ही मुझे मोह है. मैं 3 टाइम का खाना खाता हूं और थोड़ी दवाइयां चाहिए और बाकी बचे हुए पैसे मैं शाम में मंदिर की दान पेटी में डाल देता हूं.\

लड़का विश्वास करता है और फकीर से कहता है कि बाबा जब भी मेरे पास पैसे आ जाएगी मैं आपको लौटाने के लिए जरूर से वापस आऊंगा और फिर कहता है कि कोई बात नहीं बैठे.

लड़का इंटरव्यू के लिए निकल जाता है और भाग्य का साथ भी मिलता है. और उसका सिलेक्शन भी हो जाता है. खुश होकर के वह लड़का शाम में वापस अपने शहर आ रहा होता है और सोच रहा होता है कि बाबा को धन्यवाद करूंगा और उन्हीं की वजह से यह चमत्कार हुआ है. वह मंदिर के पास पहुँचता है और देखता है कि वहां पर बहुत सारी भीड़ जमा हो रखी थी और लोगों को पूछता है कि क्या हो गया है?

तभी वहां पर बैठे लोग बताते हैं कि एक फकीर की मौत हो गई है. भीड़ से निकलकर वह लड़का आगे बढ़ता है तो वह देखता है कि वह वही बाबा थे जिसने उसकी मदद की थी.

एक व्यक्ति कहता है कि शायद उसके पास पैसे नहीं होंगे और उसने दवाई नहीं ली होगी इसलिए चले गए. लड़का कहता है कि हे ऊपर वाले यह इंसान किसी की जिंदगी बनाने के लिए खुद की जिंदगी दांव पर लगा कर चला गया. समझ नहीं पाता कि क्या करें. वह बहुत आश्चर्य में पड़ जाता है. भीड़ में से एक और इंसान की आवाज आती है भिखारी था मर गया अच्छा हुआ वैसे भी किसी काम का नहीं होता.

Moral Value Of Story : यह छोटी सी कहानी हमें यह बात सिखाती है कि दूसरों का विश्वास करो और उसकी मदद करो. क्योंकि हम उसकी मदद करेंगे तभी हम एक दूसरे की मदद करके आगे बढ़ पाएंगे. और भरोसा रखो जब आपकी लाइफ में कुछ भी नहीं हो सकता तब कहीं ना कहीं से आपको मदद जरूर से मिलेगी.

 

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कबूतर और चिटी की कहानी – Moral Story In Hindi

Moral Stories In Hindi : एक समय की बात है. एक चींटी पेड़ पर से तालाब में गिर गई. एक कबूतर ने उसे उसका जीवन बचाने के लिए जीजान कोशिश करते हुए देखा.

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उसने पत्ते को तोड़ा और चींटी के पास फेंक दिया. चींटी जट से पत्ते पर चढ़ गई. उसने कबूतर का धन्यवाद किया. वह बहुत थक गई थी. कुछ सप्ताह की बात है. एक शिकारी जंगल में आया. उसने कुछ दाने जमीन पर फेंके और उस पर अपना जाल बिछा दिया. वह चुपचाप किसी पक्षी का जाल में फंसने का इंतजार कर रहा था. वह चींटी वहां से गुजर रही थी. उसने वह सारी तैयारी देखी तो उसने देखा कि वही कबूतर जिसने उसकी जान बचाई थी वह कबूतर जाल में फंसने के लिए धीरे-धीरे नीचे उतर रहा था.

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तभी चींटी ने उस शिकारी के पैर पर इतनी बुरी तरह काट दिया. तब उस वक्त शिकारी के मुंह से चीख निकल गई. कबूतर ने एकदम देखा कि शोर किधर से आ रहा है? तब वह कबूतर शिकारी को देखते ही सब कुछ समझ गया और वह दूसरी दिशा में उड़कर चला गया. चिट्ठी भी वहां से काम से निकल गई.

Moral Value Of Story : यह कहानी से हमें सीख मिलती है कि “कर भला तो हो भला.

 

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फूटा घड़ा – Moral Hindi Story

Moral Stories In Hindi : एक गांव में रामू नाम का किसान रहता था. वह अपने खेत में काफी मेहनत करता था. एक दिन वह बीज खरीदने के लिए बाजार जाता है. वहां पर वह देखता है कि दो बहुत सुंदर से घड़े वहां पर पड़े हैं. घड़े उसको बहुत से पसंद आ जाते हैं और वह सोचने लगता है कि मेरे पास जो छोटे घड़े हैं उसको मैं हटाकर यह दोनों बड़े घड़े ले लेता हूं और उसका पानी मुझे बहुत से काम में आ जाएगा.

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तभी वह बीज खरीदने की बजाय दो घड़े खरीद कर अपने घर चला जाता है और सोचते-सोचते जाता है कि अब मुझे पानी की कमी नहीं रहेगी. यह दोनों घड़े लेकर में पानी भर के लाऊंगा यानी कि मुझे रोज पानी भरने जाना नहीं पड़ेगा.

वह किसान दोनों घड़े लेकर घर पर पहुंच जाता है और अगले ही दिन वह पानी भरने के लिए तालाब पर चला जाता है. तभी तालाब से पानी भरकर घर आता है. तब वह देखता है कि एक घड़ा पूरा भरा हुआ है और एक घड़ा आधा भरा हुआ है. क्योंकि वह टूट चुका है. फिर भी वह किसान उस घड़े को फेक नहीं देता है और उसके साथ रखता है.

काफी दिन ऐसे ही गुजर जाता है. तब वह टूटे हुए खड़े को एहसास होता है कि मैं किसी काम का नहीं हूं. मैं फोकट में ही मेरे मालिक की मेहनत खराब कर रहा हूं. तब वह रोने लगता है. तभी उसके मालिक वहां पर आ जाते हैं और सारी बात घड़ा उसके मालिक को बताता है. और कहता है कि अब मैं आपके साथ नहीं चलूंगा. मुझे यहां पर ही छोड़ देना. तब उसके मालिक ने कहा कि -“कोई बात नहीं आज के दिन मेरे साथ चले आओ और हम जहां से निकलते हैं वहां के बाजू में जो फूल है उसको देखते आना.”

तभी वह मालिक तालाब से घर लौट रहा होता है तभी वह घड़ा सभी फूलों को देखते हुए घर तक वापस आ जाते हैं. तब वह घड़ा वापस से रोने लगता है और कहता है कि मे आज फिर से खाली हो चुका हु. और मैं आपके किसी काम का नहीं रहा हूं.

तभी उसके मालिक कहते हैं कि -“हम जिस सड़क से वापस घर तक आते हैं तुम्हारा पानी उस सारे सड़क के किनारे पड़ता है. और वह सारे फूल उगते हैं. यानी कि तुम बहुत काम के हो. उस फूलों को मैं बाजार जा कर बेच देता हूं. और थोड़े बहुत पैसे कमा लेता हूं और उससे में बीज खरीद लेता हूं. यानी कि तुम मेरे लिए बहुत ही काम के हो. आज के बाद यह कभी मत सोचना कि तुम मेरे किसी काम के नहीं हो.

Hindi Moral Value of Story : कोई भी चीज या व्यक्ति को कभी बेकार नहीं समजना चाहिए. जाने अनजाने में वह किसी न किसी की मदद कर ही देता है.

अगर आपको हमारी यह Moral Stories In Hindi अच्छी लगे और आपके पास भी ऐसी ऐसी  कहानी हो तो आप भी हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है.

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