Jadui Kahani – Jadui Pari Ki Kahani – Laptop ki Magical kahani

Jadui kahani – आज हम एक नई Jadui Kahani के बारे में जानेंगे. जो आज के ज़माने को लेकर लिखी गई है वह है Laptop Ki jadui Kahani के बारे में तो चलो जानते है Laptop Ki magical Kahani.

आप सभी का फिर से स्वागत है हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story पर.तो चलो शरू करते है कहानी.

 

Laptop Ki jadui kahani

 

एक बार एक गांव था. जिसका नाम था वृंदावन. मीना उस गांव में रहा करती थी. धीरे-धीरे वह पढ़ लिखकर अफसर बन गई. मीना दिल्ली में आकर रहने लगी. ऑफिस का काम बहुत ज्यादा होता था. मीना सारा दिन दफ्तर में काम करती थी. लेकिन फिर भी उसका काम रह जाता था. इस पर उसने सोचा कि बहुत सारा काम रहता है जो छूट जाता है. अब मेरे को एक लैपटॉप ले लेना चाहिए .बहुत काम होता है इसलिए मैं कुछ काम घर पर भी कर लूंगी. मीना को लैपटॉप की जरूरत थी. इसलिए उसने बहुत सारे लैपटॉप देखे लेकिन एक लैपटॉप उसे बहुत पसंद आया और उसने उसे खरीद लिया.

Pari Ki Kahani

मीना को जब भी जरूरत होती वह लैपटॉप से ही काम कर लिया करती थी. वह काफी बार ऑफिस ना जाकर वह घर पर ही लैपटॉप से काम करके ऑफिस भेज दिया करती थी. उससे काफी आराम था. मीना का लैपटॉप काफी अच्छा चल रहा था.मीना कभी कभी उस पर मूवी देखती कभी उस पर गेम खेलती. कभी ऑफिस का काम करती और कभी वीडियो कॉल करती.

एक रात को मीना ने देखा अरे यह लैपटॉप से इतनी तेज रोशनी क्यों आ रही है? कहीं मैंने इसे चालू तो नहीं रख दिया. तो मीना उठकर देखने जाती है और लैपटॉप को बंद करने जाती है. उसने देखा कि लैपटॉप से बेहद तेज रोशनी निकल रही थी. मीना ने जैसे ही लैपटॉप खोला उसने देखा कि ठीक परी उसके सामने आ जाती है. परी उसे कहती है मीना जी प्रणाम. मीना उसे देखकर बहुत घबरा गई. मगर परी बोल उठती है कि आप घबराइए नहीं. मैं आपकी दासी हूं.

Inspirational Story In Hindi

तब मीना बोल उठती है कि आप कहां से आई? लेकिन आप लैपटॉप में क्या कर रही थी? तब परी बोल उठती है कि मैं इस लैपटॉप में एक श्राप के कारण कैद हो गई थी. आज आपने इस 12:00 बजे के शुभ मुहूर्त पर इस लैपटॉप को खोला जिससे मैं श्राप मुक्त होकर इस लैपटॉप से निकल गई. आज से मैं आपकी दासी हूं आप जो कहेगी वह मैं मानूंगी.

तब मीना बोल उठती है कि अच्छा अब ऐसा है तो मैं बहुत खुश हूं. मैंने आप को आजाद करवा लिया. इसलिए मेरे लिए यही काफी है. तब परी बोल उठती है कि नहीं नहीं आप की सेवा करना मेरा कर्तव्य है. आप मुझे बताइए आपको क्या चाहिए. मीना बहुत अच्छी थी लेकिन वह खूबसूरत नहीं थी. लेकिन उसकी खूबसूरती नहीं होने के कारण कोई भी उसे पसंद नहीं करता था. खासकर लड़के मीना की ऑफिस में एक लड़का था राहुल जिसे वह बेहद पसंद करती थी लेकिन मीना खूबसूरत नहीं थी इसलिए राहुल उसे देखता तक नहीं था. मीना से परी से कहा अगर आप मेरे लिए कुछ करना ही चाहती है तो प्लीज मुझे सुंदर बना दो ना. मैं राहुल को बहुत पसंद करती हु पर वह है कि मेरी तरफ देखता तक नहीं. आप मुझे सुंदर बना दो. तो परी बोलो उड़ती है कि हा हा क्यों नहीं? आपकी सेवा मेरा कर्तव्य है. तभी परी मीना पर सफेद पाउडर डालती है और पाउडर डालते ही मिना बहुत खूबसूरत हो जाती है.

अपनी सुंदरता को देखकर मीना फूली नहीं समाती है. वह ऑफिस जाती है और ऑफिस में कोई भी मीना को पहचान नहीं पा रहा था. तभी सब बोल उठते की मीना मैडम बहुत खूबसूरत लग रही हो. सभी बहुत तारीफ करते हैं और वह सबको धन्यवाद कहती है. लेकिन मीना को इंतजार था राहुल का. राहुल जैसे ही ऑफिस में आया वह मीना को देखकर दंग रह गया.

पहली नजर में मीना को देखकर दिल दे बैठा. राहुल बोल उठा कि तुम बहुत सुंदर लग रही हो. यह चमत्कार कैसे हुआ. तब मीना ने कह दिया कि बस ऐसे ही. अब मीना पर राहुल का दिल आ गया था. राहुल मीना के साथ बात करने का कोई ना कोई तरीका ढूंढ ही लेता था. मीना भी उसे मन ही मन पसंद करती थी. लेकिन उसे वह कभी भी नहीं बताती थी. एक दिन मौका देख कर राहुल ने मीना को प्रपोज कर दिया. मीना ने भी तुरंत हां कर दिया.अब तो राहुल और मीना की प्यार की गाड़ी चल उठी थी. लेकिन उसकी दोस्त रिया बहुत जल उठती थी.

रिया मन ही मन राहुल को पसंद करती थी. और रिया मीना को नापसंद करती थी. रिया मीना की दोस्त होने का दिखावा जरूर करती थी. लेकिन वह उसे पसंद बिल्कुल भी नहीं करती थी. मीना की बढ़ती हुई तरक्की और खूबसूरती को देखकर रिया की जलन अपनी चरम पर पहुंच गई थी. वह हमेशा ही सोचती थी कि यह मीना ने क्या किया है कि वह कैसे इतनी सुंदर हो गई है? इस का काम भी बहुत अच्छा होता है. मुझे इस पर नजर रखनी पड़ेगी जरूर कुछ ना कुछ जादू टोना कर रही है.

– Jadui kahani Pari Ki

रिया मीना पर नजर रखने लगी. एक दिन किसी काम के बहाने से वह मीना के साथ वह घर पर रुक गई. उसने देखा कि मीना परी से बात कर रही थी वह देख कर सब कुछ समझ गई. रिया ने मन ही मन सोचा अब तो मैं समझ गई हूं. अब मुझे यह लैपटॉप चुरा लेना चाहिए. एक दिन मौका पाकर रिया मीना का लैपटॉप चुरा लेती है. मीना अगले दिन उठती है. वह लैपटॉप ढूंढ ढूंढ कर काफी परेशान हो जाती है. वह यह सोचती है कि उसका लैपटॉप कौन ले जा सकता है. इधर रिया लैपटॉप ले जाकर बहुत खुश थी. उसने लैपटॉप खुला और परी बाहर निकली. उसने परी से कहा परी आज से तुम मेरी दासी हो. आज से तुम वही करोगी जो मैं तुम्हें कहूंगी. तभी परी ने कहा कि हां मालिक. कहिए आप जो कहेगी वह करना मेरा कर्तव्य है. तो रिया ने कहा कि तो मुझे एक बात बताओ कि तुमने मीना को इतनी तरक्की क्यों दी.

तो परी कहती है कि मीना अच्छी थी. और वह मेरी मालकिन थी. वह कभी किसी का बुरा नहीं सोचती थी. तब रिया ने गुस्से में आकर कहा कि तुम्हारा क्या मतलब है. तो मैं क्या खराब हूं. देखो अब तुम अपना काम करो. अब मैं जो कहूंगी और तुम वह वही करोगी.

रिया ने कहा कि मुझे बेहद सुंदर बना दो. रिया की यह बात सुनकर जादुई परी उस पर भी पाउडर डालती है और रिया सुंदर बन जाती है. रिया पहले से ही खूबसूरत थी इसके बाद वह और भी सुंदर बन जाती है. लेकिन ऑफिस जाकर वह देखती है हर किसी की निगाहें उस पर थी. लेकिन मीना का बॉयफ्रेंड तो उसको बिल्कुल भी नहीं देख रहा था. यह देखकर रिया को बहुत गुस्सा आता है वह सोचती है कि यह मीना का बॉयफ्रेंड मुझे पसंद क्यों नहीं करता है.

तब रिया सोचती है कि उसका बॉयफ्रेंड मेरी तरफ इसलिए नहीं देख रहा है क्योंकि मैं भी खूबसूरत हूं और वह भी खूबसूरत है. अब मेरे को इसकी खूबसूरती को बिगड़ना पड़ेगा. रिया के दिमाग में एक विचार आता है. उसने परि से कहा कि तुम मुझे अभी-अभी गरमा गरम तेल की बोतल दो. तो परी ने पूछा कि लेकिन मालकिन आप इसका क्या करेगी. तब रिया ने उसको गुस्से में कहा कि देखो यह तुम्हारा काम नहीं है. मुझसे सवाल करना। तुम मुझे तेल की एक बोतल दे दो. तभी परी उसको गर्म तेल की बॉटल रिया के हाथ में आ जाती है. तभी रिया ने सोचा कि वह यह गर्म तेल डालकर मीना का चेहरा खराब कर देगी और उसकी खूबसूरती छीन लेगी. किसी बहाने से रिया अपने घर पर मीना को बुलाती है मीना आकर उसके घर पर बैठ जाती है.

रिया बोल उठती है अरे तुम पानी लोगी? तभी मीना बोल उठती है कि अरे कुछ भी ले आओ. हम तो दोस्त हैं. रिया पानी के साथ साथ गर्म तेल की बोतल भी लाती है और वह उस पर तेल फेकने वाली होती है. जैसे ही रिया मीना पर तेल फेकने की कोशिश करती है उसका पैर फिसल जाता है और वह सारा का सारा तेल उसी पर आकर गिर जाता है. रिया दर्द के मारे जोर जोर से चिल्लाने लगती है. मीना उसकी मदद करती है. मीना बोल उठती है कि रिया यह क्या हुआ? यह गर्म तेल कहां से आया. तुम चिल्लाओ मत मैं तुम्हें हॉस्पिटल लेकर जाती हूं. मीना रिया को हॉस्पिटल ले जाती है और हॉस्पिटल में भर्ती करवाती है. रिया दर्द के मारे चिल्ला रही थी. वह जोर जोर से रोने लगती है और कहने लगती है कि मीना मुझे माफ कर दो. मैं बहुत बुरी हूं. मैंने हीं तुम्हारा लैपटॉप चुराया था. मैं तो यहां तुम्हें गर्म तेल से जलाने आई थी. लेकिन मेरी ही कर्मों की सजा थी जो मुझे ही मिल रही है. मैं खुद जल चुकी हूं. मुझे माफ कर दो.

रिया कहती है कि तुम मेरी बहुत अच्छी दोस्त हो. तूमें मुझसे जलना नहीं चाहिए था. मैंने तुम्हें माफ कर दिया। तब रिया बोलती है कि तुम अपना लैपटॉप वापस ले लो मैं उसके लायक नहीं हूं. मीना ने रिया को माफ कर दिया उसका सारा इलाज भी मीना ने खुद करवाया और उसने अपना लैपटॉप वापस ले लिया. मीना को परी ने आदेश दिया है परी तुम मेरी बहुत अच्छी दोस्त हो और तुम सबकी मदद करती हो और तुम रिया को बिल्कुल ठीक कर दो. तभी परी कहती है कि उसने आप ही की बुराई के लिए उन्होंने मुझ से वरदान मांगा. वह गर्म तेल आप पर डालना चाहती थी. तो रिया ने कहा कि कोई बात नहीं जो उसने किया उसका पछतावा है. मुझे आपसे विनती है कि आप उसे ठीक कर दे. तब परी गायब हो जाती है और रिया को ठीक कर देती है.

सिख – इस कहानी से हमें सीख मिलती है कि अच्छाई करने वाले के साथ हमेशा अच्छा होता है. और जो बुरा करता है उसके साथ हमेशा ही बुरा ही होता है.

अगर आपको हमारी यह Jadui Kahani Pari Ki अच्छी लगी ही तो आप हमें कमेंट करके बता सकते है और अगर आप कोई दूसरी कहानी के बारे में जानना चाहते है तो आप हमें बता सकते है हम आपके लिए नै नै कहानी लाते रहेंगे. आप सभी का धन्यवाद हमारी Jadui Kahani पढ़ने के लिए.

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