Jadui Kahani – Best magical Story in hindi For kids

Jadui kahani – आप सभी का स्वागत है हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story पर. आज हम आपके लिए एक नई Jadu ki Kahani लेकर आए है. हम आशा करते है की आपको हमारी यह Jadui kahaniya अच्छी लगेगी.

Jadui Kahani in Hindi – राजा और गरीब किसान की जादुई कहानी

Jadui kahani – एक बार एक गांव में गरीब किसान रहता था. वह और उसकी पत्नी बहुत उदार थे. जब उनके बच्चे हो गए तब वह इतना नहीं कमा पाते थे की अच्छी तरह उनका पेट भर सके. उनके लिए भरपेट खाना मिलना ही दावत जैसा होता था. खुद अपने लिए भोजन जुटा पाने के संघर्ष के बावजूद यह दंपति किसी भूखे इंसान को अपने घर से बिना खिलाए नहीं जाने देते थे. वह कुछ नहीं तो सिर्फ चावल का दलिया ही मेहमान को खाने के लिए दे देते थे.

एक दिन वह भोजन करने बैठे ही थे तब एक भूखा फकीर उनके घर आया. किसान और उनकी पत्नी ने उनके साथ अपना चावल दलीया खाया. जब फ़क़ीर आया था तब फकीर बहुत कमजोर दिखाई दे रहा था. लेकिन दलिया खाकर उसने बेहतर महसूस किया. उसका चेहरा चमक उठा था. उसने किसान से कहा मैंने इससे पहले इतने उदार पति पत्नी नहीं देखे और कृपया इस बर्तन को सामने लाए जिसमें यह दलिया पकाया था. मैं उसको अक्षय पात्र में बदल दूंगा. किसान की पत्नी बर्तन ले आई और फकीर को दे दिया. फकीर ने बर्तन को अपनी हथेली पर रखा और बर्तन को एक थाली से ढककर और कुछ मंत्रों का उच्चारण किया.( Jadui kahani)

Jadui kahaniyan In Hindi For kids

Jadui kahaniya – फकीर ने कहा अब तुम्हें भोजन के लिए कुछ संघर्ष नहीं करना होगा. जो भी चीज राजा की रसोई में बनेगी वह तुम्हारे इस बर्तन में मिलेगी. यह कहकर वह उठा और चला गया. पति पत्नी को उसकी बात पर विश्वास नहीं हुआ. लेकिन उसने उसका आशीर्वाद समझ लिया. किसान की पत्नी ने दलिया बनाना चाहा और बर्तन पर से थाली को हटाया तब बर्तन में लजीज खाना भर आया जिसमें से बहुत अच्छी सुगंध आ रही थी.

बहुत खाने के बाद भी बर्तन में से खाना खत्म ही नहीं हो रहा था. इस खाने का स्वाद राजा के रसोई जैसा था. उस बर्तन से ना सिर्फ पति-पत्नी ने भोजन खाया मगर मेहमान को भी यह खाना परोसा. घर पर जो भी मेहमान आता उसे यही कहता की परोसा गया खाना ग्रहण करें लेकिन इसके बारे में कुछ पूछ ना ले इसके बारे में बस वह यही प्रार्थना करता. यहां से जो भी लोग खाना खाकर बाहर गए वह सब यही कहते कि किसान के घर परोसा गया भोजन सबसे स्वादिष्ट था. ऐसा खाना तो सिर्फ राजा के यहां ही मिलता है. जब भी किसान के घर में बर्तन के अंदर खाना आता तब राजा की रसोई में खाना कम हो जाता. इस बात को राजा के घर में रसोई बनाने वाले ने पकड़ा.

राजा के परिवार के लिए जितना खाना पूरा हो जाए उससे ज्यादा बनाने के बाद भी खाने की चीजें कम पड़ जा रही थी. जब रसोईया पूरा बर्तन भरकर हलवा बनाता था और बर्तन बंद करता और उसी समय वह कम निकलता था. क्योंकि ऐसा रात के वक्त होता तो रसोइयों ने सोचा कि कोई चोर ऐसा कर रहा है. लेकिन रसोइए को समझ नहीं आ रहा कि चोर कौन है? आखिरकार व बात राजा को बता नी पड़ी. पहले तो राजा ने उसकी बात पर भरोसा नहीं किया लेकिन बाद में राजा ने भी देखा कि बर्तनों में खाना कम हो जा रहा है.

Jadui Ghada Kahani

Jadui Ghade Ki Kahani – राजा ने यह बात मंत्री को बताइ. मंत्री ने भी खुद अपनी आंखों से खानों की मात्रा को कम होते हुए देखा. यह रहस्य राजा की दीवारों के बीच नहीं रह पाया. गांव में सब को यह पता चल गया कोई राजा के महल से खाना चोरी कर रहा है और साथ ही यह बात भी सब के कानों में पड़ी की राजश्री भोजन बनता है और सबको खाने को मिलता है. दोनों बातें आपस में कुछ यूं जुड़ी कि लोगों को शक हुआ कि जो खाना राजा के घर से गायब हो रहा है वही किसान के घर में मिल रहा है. तब राजा बोला कि यह नामुमकिन है. मैं पहले ही पता कर चुका हूं कि यह किसान गांव के बाहर एक झोपड़ी में रहता है. वह बहुत गरीब है. लेकिन सब लोग कहते हैं कि वह ईश्वर समान है. क्या वह हमारे महल में सिर्फ खाना चुराने आएगा. यह कैसे हो सकता है जो महल में दाखिल हो सकता है वह ढेर सारी बहुमूल्य चीजें चुराकर अपना जीवन आराम से जिएगा. क्या वह खाना चुराने रोज महल आएगा? सच का तभी पता लग सकता है अगर हम खुद उसके घर भोजन करें.

1 दिन अलग वेशभूषा में राजा और मंत्री हाथ में छड़ी लेकर पैदल ही किसान के घर गए. जाने से पहले राजा ने रसोईऐ से पूछ लिया कि आज क्या पकाने वाला है? जब किसान और उसका परिवार भोजन करने ही वाले थे तब दो अजनबी उसके घर पहुंचे और पूछा महोदय हम पड़ोस के गांव के किसान है. सफर के दौरान बहुत गर्मी महसूस हुई. क्या आप हमें कुछ खाने के लिए देगे? किसान ने बहुत ही प्रसन्नता से उसका स्वागत किया और उसने अपनी पत्नी से बर्तन लगाकर खाना परोसने के लिए कहा और किसान ने कहा कि जो भी परोसा है खाईए. बस मुझसे इसके बारे में कुछ पूछिए गा नहीं.

Jadu Ki Kahani – गरीब किसान और राजा की कहानी

पत्नी ने जब खाना परोसा तब राजा और मंत्री जान गए महल के रसोई में पक्के पकवान ही है. वह दोनों खाना खाने नहीं आए थे. इसलिए राजा और मंत्री ने किसान से पूछा कि तुम्हें इतना अच्छा खाना कहां से मिला. जो यह अमीरों के यहां भी नहीं मिलता. किसान ने तब कहा कि कृपया मुझसे यह ना पूछो. तब राजा और मंत्री ने कहा कि जब तक बताओगे नहीं तब तक हम खाएंगे नहीं और कोई उपाय नहीं होने के कारण किसान ने उसको सब कुछ बता दिया. उसकी बात सुनकर राजा बहुत ही क्रोधित हो गया और वह एकदम से खड़ा हुआ और अपनी छड़ी से उस बर्तन को तोड़ दिया और बिना कुछ कहे राजा अपनी मंत्री के साथ वहां से चला गया. किसान की पत्नी टूटे बर्तन को पकड़कर रोने लगी. तब किसान ने कहा कि मत रो आखिरकार कब तक हम राज्यश्री भोजन खा सकते थे. आज से स्वादिष्ट खाना नहीं होगा पर चावल दलिया तो होगा.

किसान ने यह सब कह कर अपनी पत्नी को चुप कराया. किसान का बर्तन तोड़कर राजा और मंत्री वापस लौटे. उसको खाने के लिए कुछ नहीं मिला. उसने इसकी वजह रसोई ऐसे पूछे. तभी रसोइए ने कहा कि महाराज चूल्हे पर चढ़े सभी बर्तनों से रसोई गायब होती जा रही है. देखिए बर्तन बाहर से कितने काले हैं. लेकिन अंदर से चमकदार साफ है. राजा ने किसान के घर पर भी खाना नहीं खाया था. लेकिन मंत्री ने अपने घर से राजा और उसके परिवार के लिए खाना भिजवाया. लेकिन जैसे ही पकवान राजा के महल पहुंचे और गायब हो गए. राजा को तब समझ आया कि किसान के परिवार के साथ बुरा करने की वजह से उसे भूखा रहना पड़ रहा है.

एक बार फिर राजा मंत्री के साथ किसान के घर गया और हाथ जोड़कर बोला मैंने तुम्हारे साथ बुरा व्यवहार किया है मुझे माफ कर दो. मैं बर्तन के बदले में तुम्हें खेती के लिए जमीन दे दूंगा. आज से हमारी रसोई तुम्हारी है. आज से घर में जो भी पड़ेगा उसमें से आधा तुम्हारे कर भिजवा दूंगा. मेरे और परिवार को भूखा मार कर तुम्हें क्या मिलेगा. किसान स्तब्ध रह गया और बोला मैंने आपके साथ कुछ नहीं किया. जब मेरी पत्नी बर्तन के टूटने पर रोने लगी तो मैंने उसे कहा कि हम दलिया खा कर भी जिंदा रह सकते हैं. आपके साथ जो भी हुआ मेरी वजह से नहीं हुआ. मेरा भरोसा कीजिए.

तब उसके बाद से किसान के परिवार को जैसा राजा ने वचन दिया था वैसे महल के रसोई में बना आधा खाना मिलने लगा. किसान और उसका परिवार राजा की दी गई जमीन पर आराम से रहने लगा. इस तरह आराम से किसान और उसके परिवार का जीवन समृद्ध हो गया.

आशा करते है की आप सबको हमारी यह Jadu Ki kahani अच्छी लगी होगी. आप सभी का बहोत बहोत धन्यवाद हमारी वेबसाइट moralhindistory.com पर हमारी यह Jadui Kahniya पढ़ने के लिए. अहगर आपको हमारी यह Jadui Kahani अच्छी लगी हो तो आप हमें कमेंट करके जरूर बता सकते है.

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