Inspirational Stories In Hindi – सफलता की प्रेरणादायी कहानी

Inspirational Stories In Hindi : हेलो दोस्तों आज हम फिर से हाजिर है एक नई स्टोरी के साथ अगर आपको हमारी स्टोरी पसंद आती है तो आप हमें कमेंट जरूर करें. आज हम Inspirational Stories In Hindi के साथ हाजिर है तो आजम इंस्पिरेशनल स्टोरी बताने जा रहे हैं जिसको आप ध्यान से पढ़ें.

Inspirational Stories In Hindi

कुछ सालों पहले की बात है. एक गुरु और शिष्य कहीं से गुजर रहे थे. चलते चलते वह एक खेत के पास पहुंचे. दोनों को प्यास लगी थी तो वह खेत के बीचो-बीच बने एक टूटे-फूटे घर के सामने पहुंच गए.

वहां जाकर उन्होंने दरवाजे को खटखटाया. गुरु और शिष्य पहले से रुके हुए थे, क्योंकि खेत बहुत ही बड़ा था और अच्छी और उपजाऊ जमीन भी थी.

लेकिन खेतों की हालत देखकर लग रहा था कि उसका मालिक उस पर जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है. दरवाजा खटखटाने के बाद अंदर से एक आदमी निकला उसके साथ उसकी पत्नी भी निकली उसके तीन बच्चे भी थे.

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जब वह बाहर निकले तब उसने देखा कि सभी ने फटे पुराने कपड़े पहन रखे थे. गुरु ने बहुत ही विनम्र आवाज से कहा – “क्या हमें पानी मिल सकता है?” आदमी ने गुरु को पानी दिया और पानी पीते पीते गुरु जी बोले – “मैं देख रहा हूं आप का खेत कितना बड़ा है पर इसमें कोई फसल नहीं है आखिर आप लोग अपना गुजारा कैसे चलाते हो?”

यह सब सुनते ही आदमी बोला – “हमारे पास एक भैस है वह काफी अच्छा दूध देती है. दूध बेचकर कुछ पैसे मिल जाते हैं और बचे हुए दूध का हम सेवन करते हैं और हमारा गुजारा ऐसे ही चल जाता है.”

शाम होने आई थी और काफी देर भी हो गई थी. गुरु और शिष्य ने सोचा कि आज की रात हम यहीं पर गुजारा करेंगे। उन्होंने उस आदमी से अनुमति ली और वह वहीं पर रुक गए.

आधी रात हो चुकी थी.गुरु ने अपने शिष्य को उठाया और एकदम धीमे से उसके कानों में कहा चलो अभी हमें यहां से निकलना है और चलने से पहले उसकी जो भैंस है उसको ले जाकर कहीं जंगल में छोड़ देना है.

शिष्य को गुरु की इस बात पर जरा भी यकीन नहीं हो रहा था, क्योंकि जिस गुरु से वह बहुत सारी चीजें सीखा हुआ था. उसी गुरु ने किसी का बुरा करने के लिए बोला हुआ था फिर भी वह उसके गुरु थे इसलिए वह अपने गुरु की बात मना नहीं कर सकता था.

आखिर में गुरु और शिष्य जंगल की ओर निकल पड़े और भैस को ऐसी जगह पर छोड़ दिया जहां से आना मुश्किल था. यह घटना शिष्य के मन में बैठ गई थी. करीब 10 साल के बाद वह बड़ा गुरु बना और उसने सोचा कि क्यों ना अपनी गलती को सुधार लिया जाए.

और इस गलती को सुधारने के लिए क्यों ना उस आदमी को मिला जाए और उसकी आर्थिक मदद की जाए. जिससे उस व्यक्ति की आगे आने वाली जिंदगी खुशहाल जिंदगी बने.

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और वह निकल पड़ा. उस आदमी की मदद करने के लिए कुछ टाइम चलने के बाद वह शिष्य वहां पर पहुंचा. जहा वह पहले पहुंचे थे, मगर वह फिर से चौक गया और उसने देखा कि वहां पर काफी सारी फसल थी और बहुत बड़े-बड़े पेड़ थे. और बड़ा सा घर बना हुआ है. शिष्य को लगा कि वह भैस चली जाने के बाद वह आदमी सब कुछ बेच कर यहां से चला गया होगा.

यह सब सोचकर शिष्य वहां से वापस चले जाने लगा. तभी उसने वह आदमी को देखा शिष्य बोला – “शायद आप मुझे नहीं पहचान पाओगे लेकिन मैं आपको सालों पहले मिला था.” उस आदमी ने मायूसी से बोला – “हां मैं आपको कैसे भूल सकता हूं? आप लोग तो बिना बताए ही चले गए”

मगर उसी दिन ना जाने क्या हुआ मेरी भैंस थी वह कहीं चली गई और आज तक नहीं लौटी. कुछ दिनों तक मुझे समझ ही नहीं आ रहा था कि क्या करना चाहिए? और मैं क्या कर पाऊंगा? और जीने के लिए मुझे कुछ ना कुछ तो करना ही था.

फिर मैंने लकड़ियां काट कर बेचने का काम शुरू कर दिया और उससे कुछ पैसे मैंने इकट्ठे किए. उसमें जो कुछ भी पैसे मेरे पास बचे हुए थे उससे मैंने खेतों में फसल उगाई. आखिरकार मुझे मेरी मेहनत का फल मिला और फसल बहुत ही अच्छी निकली. बेचने पर मुझे जो भी पैसे मिले उससे मैंने फलों के बगीचे लगवा दिए.

यह जो भी काम था वह बहुत ही अच्छा चल पड़ा था. इस साल में आसपास के सभी गांवों में फलों का सबसे बड़ा व्यापारी हूं. सचमुच अगर यह सब ना होता, अगर भैंस नहीं चली गई होती। क्योंकि उसी के कारण मैं लाचार था और उसी के कारण में और कोई काम नहीं करना चाहता था. उसके जाने से मैंने तुरंत नए रास्ते निकाले जिससे मैं पैसे कमा सकता था और आज मैं एक बहुत ही बड़ा व्यापारी बन चुका हूं.

शिष्य बोले – “लेकिन यह काम आप तो पहले भी कर सकते थे? आदमी बोला – “कर सकता था लेकिन तब मेरी जिंदगी बिना मेहनत के बीच चल रही थी, मुझे कभी लगाही नहीं कि मेरे अंदर भी इतना कुछ करने की क्षमता है. तो कोशिश ही नहीं की मैंने। लेकिन मेरी भैस चली गई तब मुझे एहसास हुआ कि मैं दूसरा भी काम कर सकता हूं, जिससे भी मैं अच्छा खासा पैसा कमा सकता हूं और मेरे बच्चे मेरी पत्नी को अच्छी जिंदगी दे सकता हूं. इसीलिए मेरे को कुछ ना कुछ करना ही था. तब मैंने ठान लिया था अब मैं जो भी करूंगा पूरी मेहनत के साथ करूंगा और अपने दम पर करूंगा और आज इसलिए मैं इस मुकाम तक पहुंचा हूं.

अगर आपके भी जिंदगी में ऐसा ही कुछ है तो उसको छोड़िए और आगे बढ़ीये और संघर्ष करिए और अपना सपना पूरा करने के लिए काम करते रहिए. आपके पास खोने के लिए बहुत ही कम चीज है, मगर सोचिए अगर आप सफलता हासिल कर लेंगे तो आपको पाने के लिए पूरा जहान है, तो आप मेहनत कीजिए और उसको पाकर दिखाइए और अपनी जिंदगी को एक सफल जिंदगी बनाईए।

दोस्तों अगर आपको यह Inspirational Stories In Hindi पसंद आई तो हमें कमेंट करके जरूर बताइए। हमारी यह इंInspirational Stories In Hindi पढ़ने के लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद।

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