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Children’s Day is celebrating Across india For Children’s Health, Right, care And Education For Children. Children Day Celebrate Worldwide for different date and different type so now let’s we know about children day History, importance and significance.

 

History Of Children Day In India In Hindi – बाल दिवस इतिहास भारत में 

 

बाल दिवस : हर वर्ष बड़े उत्साह के साथ 4 नवंबर को बाल दिवस भारत में मनाया जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं 14 नवंबर को ही Children Day क्यों मनाया जाता है

और क्या पूरी दुनिया में Children Day Celebation 14 November को ही होता है. तो चलिए आज जानते हैं Children Day History.

 

जवाहरलाल नहेरु का संबंध 

 

भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू को बच्चे प्यार से चाचा नेहरू कर बुलाते थे. क्योंकि वे उनका सम्मान और उनसे प्यार भी करते थे. चाचा नेहरू यानी कि पंडित जवाहरलाल नेहरू को भी बच्चे बहुत प्यारे थे और वह अपना काफी समय बच्चों के बीच ही बिताना पसंद करते थे. भारत की आजादी के बाद बच्चों और युवाओं के लिए चाचा नेहरू ने काफी सारे अच्छे काम की है. जब वह प्रधानमंत्री बने तो उनकी सबसे पहली प्राथमिकता थी बच्चों की शिक्षा. युवाओं के विकास और रोजगार को बढ़ावा देने के लिए उन्होंने देश में विभिन्न शैक्षिक संस्थानों जैसे Indian Institute Of Technology Delhi और All India Institute Of medical Science और Indian Institute Of Management Ahmadabad स्थापना की और देश को आधुनिक बनाने में बहुत अहम भूमिका निभाई.

उन्होंने इनका शुभारंभ कर भारत में उद्योग के एक नए युग की शुरुआत की. इतना ही नहीं उन्होंने बच्चों के लिए Fee Of Cost Primary Education और उसके साथ ही साथ छोटे बच्चों को मैंन्यूट्रिशन से बचाने के लिए उनके स्कूलों में दूध सहित मुफ्त भोजन को भी भिजवा ना शुरू किया.

चाचा नेहरू का कहना था कि बच्चे देश का भविष्य है. केवल सही शिक्षा, देखभाल और विकास के रास्ते पर चला कर ही बच्चों को एक नया और अच्छा जीवन प्रदान किया जा सकता है. इसीलिए पंडित जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु के बाद उनको सम्मान देने के लिए उनके जन्मदिन की तिथि यानी 14 नवंबर को Children Day के रूप में मनाया जाने लगा. परंतु क्या आप जानते हैं कि भारत की आजादी के बाद और 1964 से पहले Children Day 20 November को मनाया जाता था ऐसा क्यों? आइए जानते हैं?

वर्ष 1925 में चिल्ड्रंस डे की नींव रखी गई थी. सन 1953 में चिल्ड्रन डे को विश्व भर में मान्यता प्राप्त हुई. 20 नवंबर को United Nation ने चिल्ड्रंस डे मनाने की घोषणा की. इसी के कारण भारत में भी 20 नवंबर को चिल्ड्रन डे मनाया जाने लगा. लेकिन ऐसे कई देश है जो चिल्ड्रन डे को अलग-अलग दिनों पर मनाते हैं. जैसे कि 1950 में बाल संरक्षण दिवस 1 जून पर कई देशों में चिल्ड्रन डे के रूप में मनाते हैं. जिसे वर्ल्ड चिल्ड्रन डे कहते हैं. भारत में पहला चिल्ड्रन डे मनाया गया था वर्ष 1959 में. लेकिन वर्ष 1964 में पंडित जवाहरलाल नेहरु की मृत्यु हो जाने के बाद 20 नवंबर को बदलकर 14 नवंबर यानी उनके जन्मदिन की तिथि को Children Day के रूप में मनाया जाने लगा.

दुनिया में कई सारे देश आज भी 20 नवंबर को ही चिल्ड्रन डे मनाते हैं. यह दिन बच्चों के बेहतर भविष्य और उनकी मूल जरूरतों को पूरा करने की याद दिलाता है और साथ ही देश के लिए पंडित जवाहरलाल नेहरू के योगदान और शांति प्रयासों के लिए उनको सम्मान देने के लिए 14 नवंबर को बाल दिवस यानी चिल्ड्रन डे के रूप में मनाया जाता है.

 

World Children Day History – वर्ल्ड चिल्ड्रन डे हिस्ट्री

 

बाल दिवस पूरे विश्व में मनाया जाता है. पूरे विश्व में अलग-अलग दिन पर बाल दिवस मनाया जाता है. यह प्रथा 1856 से चली आ रही है.

चेल्सी, मैसाचुसेट्स मैं यूनिवर्सलिस्ट सर्च ऑफ द रिडीमर के पोस्टर – चार्ल्स लियोनार्ड द्वारा 1856 में जून के दूसरे रविवार को Children Day शुरू हो गया था. डॉक्टर लियोनार्ड ने बच्चों के लिए विशेष सेवा समर्पित की.

डॉक्टर लियोनार्ड ने उस दिन को रोज डे (Rose Day) का नाम दिया. हालांकि बाद में इसका नाम फ्लावर संडे (Flower Sunday) था. फ्लावर संडे नाम के बाद इस दिन को बोलचाल के हिसाब से बाल दिवस नाम से ही जाना जाता है.

 

Children Day Poem – बाल दिवस कविता 

 

फूलों के जैसे महकते रहो,

पंछी के जैसे चमकते रहो,

सूरज की भांति चमकते रहो,

तितली के जैसे मचलते रहो,

मां-बाप का आदर करो,

सुंदर भाव से मन को भरो,

यह है हमारी शुभकामना,

हंसते रहो मुस्कुराते रहो,

बाल दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं

Happy Children Day

 

बच्चों के आंसू कड़वे होते हैं,

उन्हें मीठा करिए,

बच्चों की जिग्नाशा गहरी होती है,

उसे शांत करिए,

बच्चों का दुख तीव्र होता है,

इसे उस से ले ले,

बच्चों का दिल कोमल होता है,

इसे कठोर ना बनाएं।

 

Happy Children’s day Essay In Hindi – बाल दिवस पर निबंध हिंदी में

 

14 November भारतीय बच्चों के लिए एक विशेष दिन है. यह दिन भारत के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहर लाल नेहरू का जन्मदिन है. वह बच्चों से बहुत प्यार करते थे और बच्चे भी उन्हें प्यार से चाचा नेहरू के नाम से पुकारते थे. इसलिए हर वर्ष 14 नवंबर का दिन पूरे भारत में बाल दिवस के रुप में मनाया जाता है.

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यह बात तो सभी को मालूम ही है कि बच्चे किसी भी देश का भविष्य होते हैं. यदि हम बच्चों का भविष्य अच्छा बनाने में प्रयत्नशील कार्य करेंगे तभी तो देश का भविष्य उज्जवल होगा. यह बाल दिवस और आने वाले अनेक बाल दिवस सभी सरकारी और गैर सरकारी संस्थाओं का ध्यान इस ओर आकर्षित करते रहेंगे. कि इस शुभ कार्य की सफलता के लिए हम सबको जी जान से काम करना होगा.

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बच्चों के उज्जवल भविष्य के लिए सबसे पहला योगदान उनके माता-पिता का है. उनसे उनको सही देखभाल और प्यार मिलना चाहिए. बच्चों के स्वास्थय, पोषक भोजन, साफ-सुथरे कपड़े और सुरक्षा की जिम्मेदारी भी माता-पिता की है. बच्चों के लिए स्वस्थ वातावरण, मनोरंजन की सुविधा, खेल के अवसर और योग्य शिक्षा प्रदान करने में माता-पिता, शिक्षक और सरकार नैतिक रूप से उत्तरदाई है.

बाल दिवस बच्चों के लिए खुशी का उत्सव है. भारत के लगभग सभी स्कूलों और कॉलेजों में खासतौर पर स्कूलों में बाल दिवस से संबंधित कार्यक्रम 10-15 दिन पूर्व ही आरंभ हो जाते हैं. कई तरह की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाती है. जिनमें मुख्य रूप से होती है रंगोली, प्रतियोगिता इस प्रतियोगिता में बच्चे तरह-तरह की रंगोली बनाकर उनके मन की खुशी के भाव प्रकट करते हैं.

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रंगोली के अतिरिक्त बाल दिवस के दिनों में अन्य बहुत ही प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जा सकता है. जैसे कि खेलकूद, चित्रकारी, पेंटिंग, हैंड राइटिंग, स्टोरी टेलिंग, राइटिंग, निबंध लिखना, गाना, नृत्य, ग्रीटिंग कार्ड, नर्सरी राइम, कविता पाठ, फैंसी ड्रेस इत्यादि.

बच्चों की दुनिया रंगीन होती है. बाल दिवस के एक रोज उन्हें स्कूल यूनिफार्म जो छोड़कर रंगीन वस्त्र पहनने की अनुमति मिलनी चाहिए. छोटे बच्चों को मिठाई खाना अच्छा लगता है. फिर बाल दिवस के रोज तो उन्हें अपने मनपसंद चॉकलेट अवश्य मिलना चाहिए. बहुत से स्कूल इस दिन बाल मेला भी लगाते हैं. जिसमें बच्चों द्वारा बस बच्चों के लिए उनके मनपसंद खेल और व्यंजनों के स्टाल लगाए जाते हैं.

 

बाल दिवस पर भाषण – Children Day Speech In Hindi 

 

आदरणीय प्राध्यापक,

शिक्षण गण और,

मेरे प्यारे दोस्तों.

आप सभी को नमस्कार. जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज हम सभी यहां बाल दिवस मनाने के लिए एकत्रित हुए हैं.

मुझे ख़ुशी हो रही है कि मुझे इस अवसर पर कुछ शब्द बोलने का मौका मिला. इसलिए मैं आप सभी का बहुत-बहुत आभारी हूं. हमारे देश में हर साल 14 November को चाचा नेहरू के जन्म दिवस पर Children Day मनाया जाता है. बाल दिवस चाचा नेहरू के जन्मदिवस पर इसलिए मनाया जाता है क्योंकि, चाचा नेहरू को बच्चों से बहुत प्यार था. और बच्चे भी उन्हें बहुत प्यार करते थे. बच्चे उन्हें प्यार से चाचा नेहरू कह कर बुलाते थे.

देने के लिए वह बच्चों के प्रति उनका प्यार को देखते हुए इस दिन को बाल दिवस के रूप में मनाया जाता है. उन्होंने हमारे देश के बच्चों के कल्याण के लिए कई कार्य की है. वह भारत में बच्चों के शिक्षा और विकास के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे.

बच्चे देश का भविष्य है. उन्हें अनुशासन, स्वच्छता, महत्वाकांक्षा आदि मूल्यों के बारे में सिखाना चाहिये. ताकि बड़े होकर वे एक अच्छे नागरिक बने.

हम बल दिवस हर्ष और उत्साह के साथ मनाते हैं. इस दिन हम देश के महान नेताओं को श्रद्धांजलि भी देते हैं. तथा साथ-साथ इस दिन को मनाने का कारण देश भर के सभी बच्चों को उनके अधिकार दिलाना भी है.

विद्यालय बच्चो का घर होता है. माता-पिता बच्चे के प्रथम शिक्षक होते हैं. वे उनके भविष्य को आकार देने में एक प्रमुख भूमिका निभाते हैं. उन्होंने सभी माता-पिता से अनुरोध किया कि वे अपने बच्चों का उचित पालन-पोषण करें.

इस दिन स्कूल के सारे बच्चे बहुत प्रसन्न नजर आते हैं. इस दिन वे सज धज कर विद्यालय जाते हैं. विद्यालयों में बच्चों द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है. बच्चे इस दिन को बेहद पसंद करते हैं. क्योंकि इस दिन बच्चे अपने पसंद के कपड़े पहनकर स्कूल जा सकते हैं.

इस दिन स्कूलों और कॉलेजों में बाल मेला लगता है. बाल मेले में सभी बच्चे अपने बनाए गए सामान की प्रदर्शनी लगाते हैं. इस तरह वे अपनी कला प्रतिभा का प्रदर्शन सबके सामने करते हैं.

वाद विवाद, कविता, कहानी, प्रश्नोत्तरी, नृत्य, गायन, नाटक आदि भी प्रस्तुत किए जाते हैं. तथा अंत में बच्चों को मिठाइयां और चॉकलेट भी बांटी जाती है. इसके अलावा कुछ शिक्षक भी इन प्रतियोगिताओं मैं भाग लेते हैं. वैसे तो अनेक नियम कानून बने हैं. पर फिर भी बाल श्रमिकों की संख्या हर वर्ष बढ़ती जा रही है इन बच्चों का सही स्थान स्कूल है न कि कल के कारखाने.

बच्चों के कुछ सामान्य अधिकार आज मैं आपको बताना चाहूंगा तो उन्हें अवश्य प्राप्त होने चाहिए. सभी बच्चों माता पिता और परिवार द्वारा उचित देखभाल और प्यार मिलना चाहिए. उन्हें स्वस्थ भोजन साफ कपड़े और सुरक्षा मिलनी चाहिए.

बच्चों को हमेशा स्वस्थ रहने का माहौल मिलना चाहिए. जहां वे घर स्कूल या अन्य जगह पर सुरक्षित महसूस करते हैं. उन्हें शिक्षा का उचित और अच्छा स्तर मिलना चाहिए. अक्षम या बीमार होने पर उन्हें विशेष देखभाल प्रदान की जानी चाहिए.

उम्मीद है मेरा यह भाषण आप सभी को पसंद आया होगा, मेरे इस भाषण को ध्यानपूर्वक सुनने के लिए आप सभी को धन्यवाद.

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अगर आपको हमारा यह लेख बाल दिवस Children Day पढ़ने के लिए हम आपके आभारी है अगर आप और भी लेख पढ़ना चाहते है तो आप हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story पर भी पढ़ सकते है.

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