Akhrot Khane Ke Fayde Hindi Me – Akhrot Tree in India

Akhrot Khane Ke Fayde : आप सभी का स्वागत है हमारी वेबसाइट Moral Hindi Story पर. और आज हम जानने वाले है Akhrot tree के बारे में और जानेंगे की Akhrot tree (Walnut Tree) की खेती भारत में कैसे चालू हुई और Akhrot Khane Ke Fayde Hindi Me.

तो चल जानते है पहले की Akhrot Tree की उत्पति भारत में कैसे हुई.

 

Akhrot Tree In India – Akhrot Khane Ke Fayde

अखरोट की उत्पत्ति ईरान से मिलती है. वहां से शुरू होकर इटली, जर्मनी, फ्रांस से होते हुए इसकी खेती भारत में की गई. भारत में इसकी खेती हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, कश्मीर आदि बर्फीली घाटियों में और अरुणाचल प्रदेश में की जाती है. अखरोट की दो प्रकार की जातियां होती है.

  • जंगली अखरोट और
  • कृषिजन्य अखरोट

जंगली अखरोट 100 से 200 फीट तक होती है. कृषिजन्य अखरोट सामान्य रूप से 40 से 90 फुट तक ऊंचा होता है.अखरोट मात्रा एक ऐसी चीज है जिसमें टॉप क्वालिटी एंटी ऑक्सीडेंट और ओमेगा 3 फैटी एसिड काफी मात्रा में पाया जाता है. यही क्वालिटी अखरोट को सभी ड्राई फ्रूट से अलग बनाती है.

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Akhrot Khane Ke Fayde  – Walnut Benifit

 

Akhrot Khane Ke Fayde : एक छिले हुए अखरोट में लगभग 4% पानी, 7% फाइबर, 14% कार्बोहाइड्रेट, 15% प्रोटीन और सबसे ज्यादा लगभग 65% फैट होता है. इसलिए इसे वजन बढ़ाने के लिए और वजन घटाने के लिए दोनों तरह के काम में लिया भी जा सकता है.

स्किन के लिए फायदेमंद अखरोट में बहुत ही यूनिक और पावरफुल मेलाटोनिन एंटीऑक्सीडेंट पाया जाता है, जो कि इसे सारी ड्राई फ्रूट में सबसे अलग और बेहतर बनाता है.

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इसके अलावा इसमें विटामिन पॉलीफेनॉल और फ्लेवोनॉयड जैसे एंटीऑक्सीडेंट भी पाए जाते हैं. जो हमारे शरीर के स्ट्रेस को कम करके फ्री रेडिकल से होने वाले डैमेज से बॉडी सोए सेल को प्रोटेक्ट करते हैं. जिससे हमारी स्किन लंबे समय तक ग्लोइंग दिखती है.

Cancer : कैंसर से बचाने में मददगार अखरोट में पॉलीफेनॉल ELLAGITANNIN, UROLITHIN जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं. जिस में मौजूद anti-inflammatory प्रॉपर्टीज कैंसर सेल से फाइट करता है और कॉलरेटल और ब्रेस्ट कैंसर को प्रोटेक्ट करने में काफी हद तक मदद करता है. हालांकि इस विषय में और भी काफी कुछ साइंस रिसर्च होना बाकी है.

दिमाग की ताकत बढ़ाए अखरोट : दिमागी ताकत बढ़ाने में काफी हद तक मदद करता है. अखरोट में मौजूद omega-3 दिमाग को काफी इंप्रूव करता है. दिमाग में मौजूद स्ट्रेस को कम करता है और दिमाग को काफी हद तक तेज बनाता है.

दिल के लिए फायदेमंद : हमारे शरीर में अच्छे कोलेस्ट्रॉल यानी कि एचडीएल, बुरे कोलेस्ट्रॉल यानी एचडीएल दोनों पाए जाते हैं. जब भी हमारे खून में एलडीएल की मात्रा बढ़ती है तब ब्लड सप्लाई में रुकावट आने लगती है और दिल की बीमारी होने के चांसेस बहुत ज्यादा हो जाते हैं. अखरोट में अल्फा लिनोलेनिक ऐसी नाम का ओमेगा 3 फैटी एसिड पाया जाता है. जो कि हमारे शरीर के लिए जरूरी होने के साथ-साथ शरीर में बुरे कोलेस्ट्रॉल कम करता है और अच्छे कोलेस्ट्रॉल की मात्रा को बढ़ाता है.

इससे शरीर में कोलेस्ट्रॉल बैलेंस रहता है और दिल की बीमारी होने के चांसेस बहुत कम हो जाते हैं. शरीर में कोलेस्ट्रॉल का बढ़ना और घटना हमारे डाइट पर डिपेंड करता है. इसलिए अखरोट को अपने डाइट में शामिल करने के साथ-साथ आपके दूसरे डाइट और फिजिकल एक्टिविटीज पर ध्यान देना बहुत ही जरूरी हो जाता है.

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पुरुषों में स्पर्म की शक्ति को बढ़ाना : अखरोट में कई तरह के विटामिन पाए जाने के साथ-साथ कैलशियम, आईरन, कॉपर, मैग्नीशियम, पोटेशियम, जिंक और सेलेनियम जैसे कुछ जरूरी मिनरल्स भी पाए जाते हैं.

वोह मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करते हैं और पुरुषों में स्पर्म की क्वालिटी को इंप्रूव करने में भी बहुत ही मदद करते हैं. साथ ही साथ इसमें पाया जाने वाला एंटी ऑक्सीडेंट स्पर्म होने वाले डैमेज को प्रोटेक करते हैं. जिससे स्पर्म काउंट में काफी हद तक सुधार आता है और साथ ही यह प्रोबायोटिक्स की तरह काम करता है. जिससे पेट में अच्छे बैक्टीरिया की मात्रा बढ़ती है. जिससे पाचन क्रिया में भी सुधार आता है. अखरोट में कई तरह के विटामिन मिनरल्स एंटीऑक्सीडेंट्स और हेल्दी फैट्स की मात्रा अधिक होने की वजह से हड्डी और आंख को ताकत पहुंचा कर जोड़ों के दर्द को और सर दर्द में भी फायदा पहुंचाने के साथ-साथ डायबिटीज जैसी बीमारी को काफी हद तक प्रोटेक्ट करता है.

वजन बढ़ाने और घटाने में मददगार : अखरोट में लगभग 65% फैट होता है. इसलिए जिन लोगों का पहले से वजन बढ़ा हुआ है और उसे ऐसा लगता है कि अखरोट के सेवन से उसका वजन और भी ज्यादा बढ़ सकता है, तो ऐसा सोचना बिल्कुल भी गलत है. चाहे आपका वजन कम हो या ज्यादा एक सही मात्रा में कार्बोहाइड्रेट प्रोटीन कंज्यूम करने के साथ-साथ फ्रेट की भी मात्रा कंज्यूम करना बहुत जरूरी होता है.

अखरोट में पाए जाने वाले पेट में 90% पॉलीसेंचुरीरेटेड और मोनू अनसैचुरेटेड फैट होता है, जो कि अच्छे फैट की श्रेणी में आता है. शायद आपको पता ही होगा कि हमारे द्वारा खाए गए खाने में 20 से 35% कैलरी पेट से होनी चाहिए. हालांकि आपको दैनिक कितना फैट कंज्यूम करना चाहिए वह आपके वजन घटाने और बढ़ाने के फिटनेस गोल पर डिपेंड करता है. इसलिए हमारे लिए यह जानना जरूरी है कि 1 दिन में कितना अखरोट खाना चाहिए और इसे खाने का सही समय और सही तरीका क्या होना चाहिए जिससे हमें Akhrot Khane Ke Fayde भी मिल सके.

 

Akhrot Khane Ka Sahi Samay -अखरोट खाने का सही तरीका

 

अखरोट में हाई केलरी विटामिंस और मिनरल्स की मात्रा अधिक होने के कारण इसका सेवन तभी करना चाहिए जब हमारे शरीर को इंसटैंटली हेल्थी न्यूट्रिशंस की जरूरत हो. जिसके लिए सुबह खाली पेट एक्सरसाइज के बाद और शाम का समय बिल्कुल परफेक्ट होता है. क्योंकि ऐसे समय में हमारा पेट खाली रहता है, और जिसकी वजह से खाए जाने वाले चीजों मैं मौजूद न्यूट्रीशन को हमारा शरीर बहुत ही तेजी से इसे एक्सेप्ट करता है.

लेकिन अखरोट में सभी ड्राई फ्रूट से अलग एंटी ऑक्सीडेंट भी पाया जाता है. जोकि है मेलाटोनिन है इसीलिए यह स्लीपिंग हारमोंस की तरह काम करता है और यही वजह है कि अखरोट का इस्तेमाल रात के समय भी किया जा सकता है. क्योंकि मेलाटोनिन हमारे ब्रेन में स्लीपिंग और मंच को रेगुलेट करता है. जिससे अच्छी नींद करने में बहुत मदद मिलती है. अगर आप रात को सोने से पहले दूध भी पीते हैं तब भी आप दूध के साथ इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. और अगर आप इसका इस्तेमाल सोने से पहले करना चाहते हैं तो रात का खाना थोड़ा कम मात्रा में खाएं और एक से दो अखरोट दूध के साथ या फिर बिना दूध के साथ खाना खाने के एक-दो घंटे बाद और सोने से आधे घंटे पहले इसका इस्तेमाल करें ताकि आपके शरीर को इसके खाने का सही फायदा मिल सके.

 

1 दिन में कितने अखरोट खाने चाहिए ? Akhrot Kab Khana Chahiye और Tarika

 

दोस्तों हम 1 दिन में कितना अखरोट खाना चाहिए यह हमें इसमें मौजूद न्यूट्रिशन को ध्यान में रखते हुए डिसाइड करना चाहिए. क्योंकि अखरोट में कार्बोहाइड्रेट्स और प्रोटींस के अलावा सबसे ज्यादा फैट की मात्रा होती है. इसलिए आपको इसे कितना खाना चाहिए यह आपके फिटनेस गोल और इसे खाने के सही वजह पर डिपेंड करता है. क्योंकि कुछ लोग अखरोट को अच्छी सेहत मेंटेन करने के लिए खाना चाहते हैं. जबकि कुछ लोग वजन बढ़ाने के लिए और कुछ लोग वजन घटाने के लिए डाइट फॉलो कर रहे होते हैं. इसलिए जरूरी होता है कि इसे हर अलग-अलग फायदे के लिए अलग-अलग तरीके से इस्तेमाल करना चाहिए.

वैसे तो 1 दिन में कम से कम एक और ज्यादा से ज्यादा 6 से 7 अखरोट खाना सही और सैफ माना जाता है. और ज्यादातर बॉडीबिल्डर हेल्थी फैट को टारगेट करने के लिए अखरोट का इस्तेमाल करते ही है. यहां यह भी ध्यान देना जरूरी है कि हर व्यक्ति का पाचन एक जैसा काम नहीं करता है. और किसी भी चीज को पूरा फायदा तब तक नहीं मिल पाता जब तक हमारे पेट में यह पच नहीं जाता. अगर आप ज्यादा मात्रा में अखरोट का सेवन करते हैं, तो वह आसानी से पेट में पच नहीं पाता और जिसकी वजह से इसके फायदे नुकसान में भी बदल सकते हैं. इसलिए अगर आप डेली लाइफ में ज्यादा फिजिकल एक्टिविटी नहीं करते और सिर्फ हेल्दी रहने के लिए पहली बार आप अखरोट को अपनी डाइट में शामिल करना चाहते हैं तो आपको एक या दो अखरोट से ही शुरुआत करनी चाहिए. और शरीर का रिस्पांस देखते हुए इसकी मात्रा को घटाना या बढ़ाना चाहिए.

अगर आप वजन बढ़ाने या घटाने के लिए हेवी वर्क आउट करते हैं, तो आपको एक्सरसाइज के बाद इसका सेवन करना चाहिए. बस फर्क इतना होना चाहिए कि अगर आप एक्सरसाइज करने के साथ साथ वजन बढ़ाने की डाइट फॉलो करते हैं तो आपको शुरुआत में दो से तीन अखरोट का सेवन एक्सरसाइज के बाद 30 मिनट के अंदर ही कर लेना चाहिए. और बाद में बॉडी का रिस्पांस देखते हुए अखरोट की मात्रा घटानी या बढ़ानी चाहिए. अगर आप वजन घटाने की डाइट फॉलो करते हैं तो आपको एक से दो अखरोट से ही शुरुआत करनी चाहिए. और इसका सेवन एक्सरसाइज के 1 घंटे बाद ही करना चाहिए. क्योंकि एक्सरसाइज के दौरान मेटाबॉलिज्म बूस्ट हो जाता है. इसलिए एक्सरसाइज के बाद हमें तुरंत बहुत भूख लगती है.

हमारा शरीर एनर्जी प्रोड्यूस करने के लिए फैट सेल्स को बर्न करने लगता है, जिसे शरीर की चर्बी पिघलने लगती है और यह प्रोसेस लगभग एक्सरसाइज के 1 घंटे बाद तक चलती रहती है. और जब हम एक्सरसाइज तुरंत बाद खा लेते हैं तो हमारा शरीर एनर्जी प्रोड्यूस करने के लिए उस खाने में मौजूद केलरी को यूज करने लगता है, और फैट बर्निंग प्रोसेस तुरंत बंद हो जाती है इसलिए फैट लॉस के लिए एक्सरसाइज करने वाले लोगों को अखरोट या किसी भी खाने को इस्तेमाल एक्सरसाइज के घंटे बाद ही करना चाहिए.

Disclaimer

हमारी पोस्ट में दिखाई गई जानकारी आयुर्वेदिक संबंध होने के कारण बिल्कुल सुरक्षित है और पूर्ण सावधानी के साथ बताई गई है. फिर भी पोस्ट में बताई गई किसी भी जानकारी नुस्खे से वंचित परिणाम न मिलने या गलत प्रयोग करने और किसी भी प्रकार की हानि होने पर Moral Hindi Story वेबसाइट उत्तरदाई नहीं है.

हमारा उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना है. हमारी सलाह दी जाती है कि इस पोस्ट में दिखाई गई स्वास्थ्य संबंधी जानकारी नुस्खों औषधि का प्रयोग वह किसी योग्य चिकित्सक के परामर्श के बाद ही करें.

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